26 जनवरी को हम सभी गणतंत्र दिवस क्यों मनाते है और गणतंत्र दिवस पर भाषण कैसे दे।।
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🙏 Akhil Marden और उनकी टीम की तरफ से आपको और आपके पूरे परिवार को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई। Jai❤hind🇮🇳🇮🇳
प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी को हम सभी गणतंत्र दिवस मनाते है। इस वर्ष 26 जनवरी 2020 को भारत का 71वां गणतंत्र दिवस (71th Republic Day) मनाया जायेगा। आज ही के दिन हमारे देश में हमारा खुद का संविधान लागू किया था और 26 जनवरी 1950 के दिन भारत प्रजातान्त्रिक गणतंत्र देश बना था।
हम सभी के लिए गणतंत्र दिवस केवल एक पर्व का ही नहीं बल्कि गौरव और सम्मान का दिन भी है। साथ ही उन सभी महान भारतीय स्वतंत्रता सेनानीयों के त्याग और बलिदान को याद करने का दिन भी है। यह दिन प्रत्येक भारतीय का अभिमान है, आज के दिन हर विद्यालय तथा विश्विद्यालयों में भाषण भी दिया जाता है, तो दोस्तों अगर आप एक विद्यार्थी हैं या अध्यापक हैं तो आप के लिये यहाँ पर आपके सम्बोधन के लिये एक बेहतरीन भाषण Republic Day Speech in Hindi में उपलब्ध कराया गया है। इसे आप अपने विद्यालय या कॉलेज आदि में अपने भाषण के लिये उपयोग में ले सकते हैं।
26 जनवरी को सभी स्कूल कॉलेजों में लोग गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में भाषण देते हैं अगर आप भी एक अच्छा सा प्रभावशाली भाषण देना चाहते हैं तो हमारा यह भाषण आपके काम आयेगा :-
Republic Day Speech in Hindi: गणतंत्र दिवस भाषण
आज के इस विशेष शुभ दिन के लिए यहाँ उपस्थित सभी को शुभप्रभात मैं (यहाँ पर अपना नाम ) कक्षा……का छात्र हूँ। (अगर आप एक शिक्षक है तो शिक्षक हूँ बोलें ) आज के इस विशेष अवसर पर हम सभी भारत का 71वां गणतंत्र दिवस (71th Republic Day)मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं।
सर्वप्रथम मैं आप सभी लोगों धन्यवाद देना चाहता हूँ / चाहती हूँ कि आप सभी लोगों ने मुझे इस शुभ दिन पर ये मौका दिया कि मैं गणतंत्र दिवस पर आपके सामने अपने अपने विचार अपने शब्द रख सकूं। आज का दिन उन देशभक्तों के त्याग, तपस्या,शौर्य और बलिदान की अमर कहानियों को याद करने का दिन है जिनके कारण हम गणतंत्र स्थापित का सके है।
शताब्दियों की परतंत्रता के उपरांत हमने 15 अगस्त 1947 को आजादी पायी देश के स्वतंत्र होने के ढाई वर्ष पश्चात 26 जनवरी 1950 को देश के कर्णधारों ने भारत के नवीन सविंधान को लागू किया तभी से भारत का सर्वोच्च शासक राष्ट्रपति कहलाता है और 26 जनवरी 1950 से ही आज के दिन को हम सभी गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं। 26 जनवरी की तिथि का स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अपना महत्व है। सन 1930 को रावी नदी के तट पर कोंग्रेस के लाहौर अधिवेशन में स्वर्गीय श्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने पूर्ण स्वतंत्रता की घोषणा की। 26 जनवरी 1930 को उन्होंने प्रतिज्ञा की कि “जब तक हम पूर्ण स्वतंत्रता प्राप्त न कर लेंगे तब तक हमारा स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन चलता रहेगा। औऱइसे प्राप्त करने के लिये हम अपने प्राणों की आहुति दे देंगे। ” इसी कारण 26 जनवरी का दिन ही भारत के गणतंत्र की घोषणा के लिये चुना गया। इसी दिन हम पूर्ण रूप से स्वाधीन हो गए उस दिन लार्ड माउंटबेटन ( गवर्नर जनरल) के स्थान पर डॉ राजेंद्र प्रसाद हमारे राष्ट्र के प्रथम राष्ट्रपति बने। आज भी यह पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है।
भारतवर्ष में ‘स्वराज’ के लिए हमारे महान स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने पुरे जीवनभर संघर्ष किया। उन्होंने अपने प्राणों का बलिदान भी दिया ताकि उनकी आने वाली पीढ़ी यानि हमें कोई संघर्ष न करना पड़े और हम देश को आगे लेकर जा सकें किन्तु आज हम सभी कहाँ आकर खड़े हो गये हैं यह बहुत ही शर्म की बात है कि आजादी के इतने 70 वर्षों के बाद भी हम अपराध, भ्रष्टाचार और हिंसा जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं यह सभी को भलीभांति मालूम है आज हमें फिर से एकबार साथ मिलकर अपने देश से इन बुराइयों को बाहर निकाल फेंकना है जैसे कि स्वतंत्रता सेनानी नेताओं ने अंग्रेजों को हमारे देश से बाहर निकाल फेंका था। हमें भारत देश को फिर से महात्मा गाँधी, भगत सिंह, चन्द्र शेखर आजाद, लाला लाजपत राय, सरदार बल्लभ भाई पटेल, लाल बहादुर शास्त्री इन स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों का भारत बनाना होगा।
आओ मिलकर तिरंगा लहरायें,
अपना गणतंत्र दिवस है आया, झूमें, नाचें ख़ुशी मनायें।
अपना 71वां गणतंत्र दिवस ख़ुशी से मनायें,
देश पर कुर्बान हुये शहीदों पर श्रद्धा सुमन चढ़ायें।
अंत में आप सभी को मैं धन्यवाद देना चाहूँगा की आपने मुझे आपके समक्ष गणतंत्र दिवस के इस पावन अवसर पर मुझे अपने शब्द रखने की अनुमति दी। एक बार फिर से आप सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं ,धन्यवाद
जय हिंद,जय भारत, वन्देमातरम, भारत माता की जय|
Freelance Writer Akhil Marden -- एक निवेदन है हमारा अध्यापकों से की जो अपने छात्रों को उनका उद्देश्य बताएं कि एक छात्र का क्या उद्देश्य होना चाहिए एक छात्र का उद्देश्य पढ़ाई करना होना चाहिए कुछ अच्छे मुकाम हासिल करना होना चाहिए लेकिन आज के छात्र कहां भटके हुए हैं आप देख ही रहे हैं। एक राजनीतिक पार्टी का उद्देश्य क्या होता है कभी आपने सोचा बस इतना की किसी भी तरह से चर्चा में बने रहना और वो चर्चा में बने रहने के लिए हर संभव प्रयास करना जिसके लिए वे हमारे छात्रों के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ कर जाते हैं इन छात्रों को उनकी उद्देश्य से भटका दिया जाता है राजनीति को राजनीति तक ही रखना चाहिए आपको पता है कभी कांग्रेश कभी सपा कभी बसपा कभी भाजपा भारत बंद का आंदोलन करते हैं इन सब का सबसे ज्यादा नुकसान या सबसे ज्यादा प्रभाव छात्र और आम जनता पर पड़ता है कभी इनका एग्जाम पोस्टपोन कर दिया जाता है कभी कैंसिल कर दिया जाता है, कभी सड़क जाम कभी ट्रेन, कभी बस जला दिया जाता है कभी आपने सोचा है उन छात्रों के बारे में उन आम लोगों के बारे...
Anand Kumar Sir की सुपर 30 में गांव-देहात से आये ऐसे बच्चे जिनकी प्रारंभिक शिक्षा भी अच्छे तरीके से नहीं हुई है, वे लगभग सभी आईआईटी जैसे कॉम्पिटिशन में क्वालीफाई कर जाते हैं । उन्हें आप कैसे मोटीवेट करते हैं कि शहर के बड़े-बड़े कोचिंग-सेंटर से तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के मुकाबले ज्यादा खरे उतरते हैं ? आखिर सफलता का मंत्र क्या है ? मुझसे पूछे जाने वाले ये सब बड़े सामान्य प्रश्न हैं। आज मैं आपलोगों से अपने अनुभव पर आधारित उन चार सफलता के मन्त्रों के बारे में बात-चीत करने जा रहा हूं जो मैं अपने विद्यार्थियों को सिखाता हूं। पहला मंत्र है प्रबल प्यास : चाहे आप सीए ,यूपीएससी, आईआईटी, मेडिकल की तैयारी करते हों या फिर लेखक, पत्रकार, कलाकार, स्पोर्ट्स पर्सन बनना चाहते हैं, आपके मन में प्रबल प्यास का होना नितांत आवश्यक है। पूरे दिन, सुबह उठने से लेकर रात सोने तक लगातार आपके दिमाग में वही बातें चलती रहनी चाहिये जो आपके लक्ष्य से सम्बंधित हों। उदाहरण के लिए अगर आप आईआईटी प्रवेश-परीक्षा की तैयारी करते हैं तब दिन भर आपके दिमाग में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथेमैटिक्स के फॉर्मूले ही चलते रहने च...
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